स्नातक कला संकाय (बी0ए0)
हिन्दी,संस्कृत,अंग्रेजी,शिक्षाशास्त्र,समाजशास्त्र,प्राचील इतिहस,गृहविज्ञान
स्नातक विज्ञान संकाय (बी0एस-सी0)
रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, प्राणि विज्ञान
वाणिज्य संकाय (बी0काम0)
समस्त अनिवार्य पाठ्यक्रम
स्नातकोत्तर कला संकाय (एम0ए0)
समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र,

किसी भी राष्ट्र का सर्वांगीण विकास तभी संभव होता है जब उस देश में निवासित लोग सुशिक्षित हों। यहां यह भी कहना समीचीन होगा कि न केवल मात्रात्मक शिक्षा ही विकास की परिचायक है अपितु इसके साथ यह भी आवश्यक है कि लोग आचार, विचार एवं संस्कारों से भी सुशिक्षित हों। राजनीतिक दृष्टि से उर्वर अमेठी में यद्यपि शिक्षा संस्थानों की कमी नहीं रही है किन्तु फिर भी यह तथ्य अवलोकनीय है कि सुदूरांचल में निवासित ग्रामीण क्षेत्रों की एक बहुत बड़ी आबादी अभी भी विशेषतया उच्च शिक्षा के सोपानों तक पहुंचने में अछूती रही है। महत्वपूर्ण यह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना एक सपना है जबकि कोई भी समाज, क्षेत्र एवं राष्ट्र तब तक समृद्ध नहीं हो सकता जब तक वहां की स्त्रियां सुशिक्षित न हों। इसी पार्श्व-पृष्ठ भूमि में जनपद-अमेठी के सुदूरांचल में स्थित गांवों की बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से इस महाविद्यालय की स्थापना पूर्व कैबिनेट मंत्री उ०प्र० शासन श्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा अपनी माता स्व० श्रीमती गयादेई की पुण्य स्मृति में 22 सितम्बर 2013 में की गयी। Read More

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